लेखनी प्रतियोगिता -29-Oct-2022

1 Part

60 times read

1 Liked

मोहब्बत की ये बेरुखी लगता है कि अब तुम मेरे कभी हो नहीं पाओगे  मैं तुम्हे चाहता हूं सनम, लगता है कि अब दोबारा कभी हमे मिल नहीं पाओगे चले थे ...

×